बेगुसराय [ बिहार ]
नि. ज संवाददाता |
बिहार — झारखण्ड न्युज डेस्क |
17-01-026( शनिवार )
रिपोर्ट :- वरिष्ठ पत्रकार अभिजीत झा ( स्टेट हेड ) |
बेगूसराय: औद्योगिक नगरी बेगूसराय की शान कहे जाने वाले IOCL बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप ने आधुनिकता की ओर एक नया कदम बढ़ाया है। सन् 1964 में स्थापित और 1965 में राष्ट्र को समर्पित यह रिफाइनरी न केवल ऊर्जा का केंद्र है, बल्कि जिले की ऐतिहासिक विरासत भी है। समय के साथ कदम मिलाते हुए, साल 2026 में रिफाइनरी के मुख्य द्वार (मेन गेट) को एक बेहद भव्य और आधुनिक रूप दिया गया है, जिसकी तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।साधारण अतीत से आधुनिक भविष्य तक का सफरबरौनी रिफाइनरी टाउनशिप का गेट दशकों तक अपनी सादगी के लिए जाना जाता था। हालांकि, 2023 में इसमें कुछ बदलाव किए गए थे, लेकिन क्षेत्र में हुए बुनियादी ढांचे के विकास ने एक बड़े बदलाव की मांग की।हाल के वर्षों में फोरलेन सड़क और नवनिर्मित ओवरब्रिज के निर्माण के कारण यातायात और दृश्यता में काफी बदलाव आया। इसी के सामंजस्य में, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने अपने मुख्य द्वार को एक नया ‘सिग्नेचर लुक’ देने का निर्णय लिया।क्यों खास है नया गेट?आधुनिक वास्तुकला: नए गेट को अत्याधुनिक डिजाइन और लाइटिंग सिस्टम से लैस किया गया है, जो रात के समय और भी आकर्षक लगता है।विकास का प्रतीक: यह भव्य द्वार न केवल रिफाइनरी की प्रगति को दर्शाता है, बल्कि बेगूसराय के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीर भी पेश करता है।सोशल मीडिया पर धूम: जैसे ही इस नए गेट का निर्माण कार्य पूरा हुआ, स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने इसकी तस्वीरें साझा करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते ये तस्वीरें ‘डिजिटल बेगूसराय’ की पहचान बनकर वायरल हो रही हैं।स्थानीय लोगों में उत्साहटाउनशिप के निवासियों और बेगूसराय के युवाओं के बीच इस नए गेट को लेकर जबरदस्त उत्साह है। लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज से उतरते ही जब इस भव्य द्वार पर नजर पड़ती है, तो ऐसा लगता है जैसे हम किसी मेट्रो सिटी के औद्योगिक हब में प्रवेश कर रहे हों। यह नया लुक न केवल सुरक्षा और सुगमता को बढ़ाएगा, बल्कि जिले के सौंदर्य में भी चार चांद लगा रहा है।”1964 की विरासत अब 2026 की आधुनिकता के साथ कदम से कदम मिला रही है। यह भव्य द्वार आत्मनिर्भर भारत और विकसित बिहार की एक नई झलक है।”


