पटना (बिहार)
रिपोर्ट : अभिजीत झा
06-01-026 ( मंगलवार )
पटना ( बिहार ):-मकर संक्रांति के बाद बिहार की राजनीति में बड़े सियासी बदलावों के संकेत मिलने लगे हैं। राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां संगठन और रणनीति दोनों स्तरों पर नए प्रयोग की तैयारी में जुट गई हैं। खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में बड़े फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है।बीजेपी में नए चेहरों की एंट्री की तैयारीसूत्रों के मुताबिक, बीजेपी अपने संगठन को और मजबूत करने के लिए नए चेहरों को अहम जिम्मेदारियां सौंपने की योजना बना रही है। पार्टी नेतृत्व युवा नेताओं, सामाजिक समीकरणों को साधने वाले कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर पर सक्रिय चेहरों को आगे लाने पर विचार कर रहा है। आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठनात्मक ढांचे में बदलाव को बेहद अहम माना जा रहा है।बीजेपी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर है, ताकि हर वर्ग और क्षेत्र में पार्टी की पकड़ और प्रभाव बढ़ाया जा सके।आरजेडी में प्रदेश से बूथ स्तर तक बदलाववहीं, आरजेडी भी संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी में है। पार्टी प्रदेश स्तर से लेकर जिला, प्रखंड और बूथ स्तर तक नए चेहरों को मौका देने की रणनीति पर काम कर रही है। युवा नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने की योजना बनाई जा रही है, जिससे पार्टी की छवि को नया आयाम मिल सके।
सियासी सरगर्मी तेजराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मकर संक्रांति के बाद इन बदलावों की औपचारिक घोषणा हो सकती है। दोनों ही दल चुनावी मोड में आ चुके हैं और संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश में लगे हैं।आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में यह बदलाव सत्ता समीकरणों को किस दिशा में ले जाएंगे, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


