06-01-026 (मंगलवार )
परबत्ता, खगड़िया (बिहार) |
रिपोर्ट: अभिजीत झा, स्टेट हेड
बिहार झारखण्ड न्युज डेस्क
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खगड़िया जिले के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर विकास योजनाओं को साजिश के तहत रोकने और उसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है।
2 करोड़ से अधिक की योजनाओं पर ‘ब्रेक’
डॉ. संजीव कुमार के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ‘मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना’ के तहत उनके द्वारा अनुशंसित लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली योजनाओं को अवैध रूप से रोक दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इन स्वीकृत योजनाओं को कार्यपालक अभियंता (योजना एवं विकास विभाग, खगड़िया) और वर्तमान विधायक की मिलीभगत से बाधित किया जा रहा है।
जांच की चुनौतीडॉ. संजीव कुमार ने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल के दौरान न तो उन्होंने और न ही किसी अधिकारी ने कोई अवैध राशि ली है। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि संदेह हो, तो उनके पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जा सकती है।मुख्यमंत्री से की गई प्रमुख मांगें:पत्र के माध्यम से डॉ. संजीव कुमार ने मुख्यमंत्री से निम्नलिखित ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है:तत्काल भुगतान: जिन योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनकी जांच कराकर तुरंत भुगतान किया जाए।कार्य की बहाली: साजिश के तहत रोकी गई स्वीकृत योजनाओं को अविलंब शुरू कराया जाए।उच्चस्तरीय जांच: पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच हो ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसके दबाव में इन कार्यों को रोका गया।दोषियों पर कार्रवाई: भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों और संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
’कमीशनखोरी’ और भ्रष्टाचार के आरोपपूर्व विधायक ने पत्र में अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि:बिना किसी वैधानिक आदेश या प्रशासनिक कारण के जानबूझकर योजनाओं को रोका गया है।योजनाओं को चालू करने और भुगतान निर्गत करने के बदले ‘अवैध कमीशन’ की मांग की जा रही है।जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनका भुगतान भी रोक दिया गया है, जिससे विकास कार्य पूरी तरह पंगु हो गए हैं।
पूर्व परबत्ता विधानसभा के विधायक डॉ संजीव कुमार सिंह नाम मीडिया से बातें करते हुए कहा कि अब देखना होगा कि इस पत्र की प्रतिलिपि को मैंने माननीय मंत्री (योजना एवं विकास विभाग), प्रधान सचिव और जिलाधिकारी खगड़िया को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी है। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी, (माननीय मंत्री योजना एवं विकास विभाग )इस गंभीर शिकायत पर क्या संज्ञान लेते है।


