पटना | 07 जनवरी, 2026 ( बुधवार )
रिपोर्ट: अभिजीत झा
बिहार में भूमि विवादों को जड़ से खत्म करने और राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार अब ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (DCLR) के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
अब ‘तारीख’ नहीं, ‘समाधान’ मिलेगाबैठक में उपमुख्यमंत्री ने कई क्रांतिकारी निर्णय लिए हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता और किसानों से जुड़े हैं:डेडलाइन तय – पेंडिंग केस होंगे खत्म: 15 जनवरी तक ‘परिमार्जन प्लस’ और 31 जनवरी तक ‘दाखिल-खारिज’ (Mutation) के सभी लंबित मामलों को हर हाल में निपटाने का सख्त आदेश दिया गया है।भू-माफियाओं पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: राज्य भर में सक्रिय भू-माफियाओं के खिलाफ बड़े स्तर पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। विजय कुमार सिन्हा ने दोटूक कहा कि जनता के हक को मारने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।निर्णयों की होगी ‘माइक्रो मॉनिटरिंग’: जनता दरबार और जनकल्याण संवाद में लिए गए फैसलों की गुणवत्ता (Judgement Quality) जांचने के लिए एक विशेष माइक्रो मॉनिटरिंग टीम का गठन किया गया है। यह टीम देखेगी कि निचले स्तर पर अधिकारी सही न्याय कर रहे हैं या नहीं।सुरक्षा और पारदर्शिता: सभी राजस्व कार्यालयों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और सुरक्षा के लिए ‘अंचल गार्ड’ की तैनाती होगी। इससे बिचौलियों के दखल पर लगाम लगेगी।
’टॉप-5′ टीम करेगी कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों की मददसरकार ने एक अनूठी पहल करते हुए राज्य के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले टॉप-5 DCLR की एक विशेष टीम बनाई है। यह टीम उन अनुमंडलों (Sub-divisions) में जाकर सहयोग और मार्गदर्शन करेगी जहां प्रदर्शन कमजोर है। मार्च के बाद सभी जिलों का दोबारा ‘मैदानी मूल्यांकन’ किया जाएगा।किसानों के लिए क्या बदलेगा?उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि दाखिल-खारिज और कागजातों के अपडेट होने से किसानों को सरकारी योजनाओं और बैंक लोन जैसी सुविधाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा।


