नई मशीनरी से रोज़ 50 हजार क्विंटल गन्ना पेराई, जल्द 1 लाख क्विंटल तक बढ़ेगी क्षमता |
सीतामढ़ी / बिहार |
09-01-026 ( शुक्रवार )
बिहार झारखण्ड न्युज डेस्क |
रिपोर्ट : अभिजीत झा
बिहार के सीतामढ़ी जिले स्थित रीगा चीनी मिल में गन्ना पेराई का कार्य शुरू होते ही क्षेत्र के किसानों में उत्साह का माहौल है। लंबे इंतजार के बाद मिल के चालू होने से गन्ना उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिली है। खास बात यह है कि मिल में नई और आधुनिक मशीनरी लगाई गई है, जिससे उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।मिल प्रबंधन के अनुसार फिलहाल प्रतिदिन 50,000 क्विंटल गन्ने की पेराई की जा रही है, जिसे जल्द ही बढ़ाकर 1,00,000 क्विंटल प्रतिदिन किया जाएगा। इसके लिए मिल की तकनीकी क्षमता को और मजबूत किया जा रहा है। बताया गया है कि मिल में करीब 80 प्रतिशत मशीनें बदली जा चुकी हैं, जिससे कार्यक्षमता, सुरक्षा और उत्पादन—तीनों में सुधार हुआ है।रीगा चीनी मिल की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यहां मिल गेट पर ही किसानों को पर्ची (पुर्जा) उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गन्ना आपूर्ति में पारदर्शिता बनी हुई है और किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है।किसानों का कहना है कि पेराई शुरू होने से न केवल उनका गन्ना समय पर मिल तक पहुंच पा रहा है, बल्कि भुगतान को लेकर भी उम्मीदें बढ़ी हैं। क्षेत्र के गन्ना उत्पादकों का मानना है कि मिल के पूरी क्षमता से चलने पर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, रीगा चीनी मिल का आधुनिकीकरण और पेराई क्षमता में विस्तार उत्तर बिहार के चीनी उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है। आने वाले दिनों में अगर मिल तय लक्ष्य के अनुसार 1 लाख क्विंटल प्रतिदिन पेराई करने में सफल होती है, तो यह किसानों और उद्योग—दोनों के लिए बड़ा लाभ साबित होगा।


