रिपोर्टर -शिवदयाल

अयोध्या ।
जनपद में अवैध खनन के जरिए सरकारी खजाने में सेंध लगाने वाले सिंडिकेट के विरुद्ध प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बड़े ऑपरेशन में एसडीएम सदर रामप्रसाद त्रिपाठी और खनन अधिकारी आशीष द्विवेदी की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभालते हुए खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया। जांच टीम जब धरातल पर उतरी तो नियमों की भारी अनदेखी और राजस्व की चोरी का बड़ा खेल सामने आया। इसके परिणामस्वरूप क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित कंपनी पर 1 करोड़ 52 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। सिर्फ यही नहीं कई अन्य पट्टेदारों को भी नियमों की धज्जियां उड़ाने के लिए भारी आर्थिक दंड की जद में लाया गया है। जो वाहन अवैध रूप से धरती का सीना चीरते हुए पाए गए उन्हें प्रशासन ने तत्काल ज़ब्त कर पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया है।प्रशासनिक अधिकारियों ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार और राजस्व की चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीएम सदर रामप्रसाद त्रिपाठी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति या समूह राजस्व को किसी भी प्रकार की क्षति पहुँचाने की कोशिश करेगा तो हमारी टीम की जांच में दोषी पाए जाने पर इससे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। खनन अधिकारी आशीष द्विवेदी ने बताया कि पकड़े गए पट्टेदारों और कंपनी की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और अभी कई अन्य शिकायतों पर बड़ी कार्रवाई होना बाकी है। जल्द ही इन सभी मामलों की विस्तृत साक्ष्य रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि दोषियों पर शिकंजा और कसा जा सके।प्रशासन की इस देर हुई लेकिन दुरुस्त हुई” कार्रवाई के पीछे अंतरिक्ष तिवारी के रजिस्टर्ड समाचार पत्र एवं आप की ताकत के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ताकत छिपी है। अपनी कलम और डिजिटल माध्यमों से लगातार उठाए गए इन मुद्दों पर अंततः शासन और प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया। एक सजग पत्रकार के तौर पर बिना किसी दबाव के तथ्यों को उजागर करने का ही परिणाम है कि आज अवैध साम्राज्य को घुटने टेकने पड़े।


