गया ( बिहार ) |
11-01-026 ( रविवार )
बिहार झारखण्ड न्युज डेस्क |
रिपोर्ट :- अभिजीत झा |
गया (बिहार): सफलता डिग्रियों की मोहताज नहीं होती, यह बात बिहार के लाल प्रमोद भदानी ने सच कर दिखाई है। कभी बचपन में अचार-रोटी के लिए तरसने वाले प्रमोद आज 50 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले बिजनेस साम्राज्य के मालिक हैं। उनके ‘प्रमोद लड्डू’ की मिठास आज बिहार-झारखंड की सीमाओं को लांघकर विदेशों तक अपनी पहचान बना चुकी है।₹2500 से शुरू हुआ संघर्षों का सफरप्रमोद भदानी की यह प्रेरणादायक यात्रा शून्य से शिखर तक पहुंचने की कहानी है |अभावों में बीता बचपन एक समय था जब प्रमोद के लिए अचार-रोटी मिलना भी किसी उत्सव जैसा होता था।शुरुआत उन्होंने मात्र 2500 रुपये की पूंजी से लड्डू का कारोबार शुरू किया था।कड़ी मेहनत अपने सपनों को सच करने के लिए उन्होंने हर दिन 19-19 घंटे काम किया और कभी गुणवत्ता (Quality) से समझौता नहीं किया।विराट सफलता, आज उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 50 करोड़ के पार पहुंच चुका है।पीएम मोदी के शपथ ग्रहण और राष्ट्रपति भवन तक पहुंचेप्रमोद की मेहनत का लोहा आज पूरा देश मान रहा है। उनकी बनाई मिठाइयों का स्वाद राष्ट्रपति भवन तक पहुंच चुका है। इतना ही नहीं, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ है।सफलता के बाद भी नहीं भूले अपनी जड़ें करोड़पति बनने के बाद भी प्रमोद भदानी का दिल आज भी गरीबों के लिए धड़कता है। वे अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए:गरीबों के लिए निशुल्क भोजनालय चलाते हैं।वहां हजारों जरूरतमंद लोग रोजाना पूरे सम्मान के साथ भोजन करते हैं।”प्रमोद की यह यात्रा साबित करती है कि इंसान की डिग्री से ज्यादा उसके सपने और संकल्प बड़े होते हैं। दृढ़ निश्चय हो तो सात समंदर पार भी अपनी सफलता का झंडा गाड़ा जा सकता है।”


