रिपोर्ट: अभिजित झा
स्टेट हेड (बिहार, झारखंड, बंगाल)
पटना/बेगूसराय :-बिहार के कृषि और औद्योगिक क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की तैयारी अब अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन मिलों को पुनर्जीवित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिससे प्रदेश के हजारों किसानों में उम्मीद की नई किरण जगी है।
गन्ना मंत्री संजय पासवान की बड़ी पहल –
बिहार सरकार में गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान अपने गृह जिले बेगूसराय को लेकर विशेष रूप से सक्रिय नजर आ रहे हैं। उनके प्रयासों से बेगूसराय में बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने की कवायद तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मंत्री पासवान का लक्ष्य न केवल बेगूसराय, बल्कि आसपास के अन्य जिलों में भी बंद पड़ी मिलों का चक्का घुमाना है।
किसानों को होगा सीधा फायदाचीनी मिलों के दोबारा शुरू होने से सबसे बड़ा लाभ स्थानीय किसानों को होगा।आय में वृद्धि: गन्ने की खेती करने वाले किसानों को अब अपनी फसल बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
रोजगार के अवसर: मिलें चालू होने से हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
आर्थिक मजबूती: बेगूसराय और आसपास के जिलों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को इससे बड़ा बूस्ट मिलेगा।
पड़ोसी जिलों में भी हलचल तेजमुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने केवल बेगूसराय ही नहीं, बल्कि बिहार के अन्य हिस्सों में भी बंद पड़ी चीनी मिलों का सर्वे और तकनीकी आकलन शुरू कर दिया है। सरकार की योजना है कि चरणबद्ध तरीके से उन सभी मिलों को चालू किया जाए जो संसाधनों के अभाव में बंद पड़ी थीं।


