रिपोर्टर -शिवदयाल
अयोध्या : जिला चिकित्सालय के बाबू प्रशांत विश्वास एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार उन पर लैब टेक्निशियन संदीप सिंह ने अपनी जान का खतरा जताते हुए प्रमुख अधीक्षक से शिकायत की है। संदीप का आरोप है कि प्रमुख अधीक्षक कार्यालय में कार्यरत प्रशांत विश्वास द्वारा जिला चिकित्सालय के वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से तरह-तरह की धमकियों व अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, जिसके कारण वह मानसिक व सामाजिक रूप से बहुत आहत हो रहा है। साथ ही जान का खतरा भी बना हुआ है। संदीप ने प्रमुख अधीक्षक के मामले में संज्ञान लाते हुए न्याय दिलाने की मांग की है। जिला चिकित्सालय के वाट्सएप ग्रुप पर किया मैसेज भी तेजी से वायरल हो रहा है।
नाबालिग युवती का कमरे में लटकता मिला शव
रिपोर्टर -शिवदयाल
बड़ागांव अयोध्या। रौनाही थाना क्षेत्र के देवराकोट गांव में एक नाबालिक युवती का शव कमरे में जंगले से दुपट्टे के सहारे लटकता मिला, मामले की जानकारी पर परिवार में सनसनी मच गई। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान मनोज सिंह ने मामले की सूचना सती चौरा चौकी पुलिस को दी। बुधवार रात देवराकोट के मजरे देवरा गांव निवासी शुशील पासी परिवार के साथ भोजन कर सो गया, उसकी 17 वर्षीय लड़की प्रियंका अपनी छोटी बहन के कमरे में सोने गई रात लगभग 3:00 बजे छोटी बहन की नींद खुली तो वह अपनी बड़ी बहन को दुपट्टे के सहारे लटकता पाया जिससे वह अंदर से शोर मचाने वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी परिवारजन जब उठे तो सुशीला का शव कमरे में लटक रहा था।
चौकी प्रभारी सती चौरा सत्यम अग्रवाल ने बताया फॉरेंसिक टीम प्रधान मनोज सिह के साथ पहुंचकर शव को उतरवाया, शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
अयोध्या: रात के अंधेरे में डंपरों का *तांडव, दशरथ समाधि रोड पर अवैध खनन बेकाबू।
रिपोर्टर -शिवदयाल
अयोध्या। सरयू नदी माझा क्षेत्र के दशरथ समाधि और धारा रोड क्षेत्र में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। रात 9 बजते ही दर्जनों डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़कों पर काल बनकर दौड़ने लगते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की सुस्ती का फायदा उठाकर अवैध खनन का खेल पूरी रात चलता है। विडंबना यह है कि कार्रवाई के नाम पर अधिकारी केवल खानापूर्ति की बात करते हैं, जबकि माफिया छापेमारी से पहले ही रफूचक्कर हो जाते हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन बेलगाम डंपरों पर शिकंजा कसता है या अवैध खनन का यह कारोबार ऐसे ही फलता-फूलता रहेगा।
निर्मला अस्पताल को कोई क्लीन चिट नहीं गयी।
रिपोर्टर -शिवदयाल
अयोध्या। इलाज में लापरवाही से एक महिला की मौत मामले में निर्मला हॉस्पिटल को अभी तक कोई क्लीनचिट नहीं मिली है, सीएमओ ने झूठ बोला था।
मामले की जांच कर रही टीम के एक वरिष्ठ सदस्य का कहना है कि अभी इस मामले में दो नसों का बयान भी लेना शेष है।
अब तक गायब रहीं दोनों नर्सें कल उपस्थिति भी हुई और आज उनका पुलिस के समक्ष भी बयान होगा। मालूम हो कि इंजेक्शन लगाने वाली इन दोनों नर्सों को निर्मला अस्पताल प्रबंधन जांच में सामने नहीं ला रहा था, जबकि इन्हीं दोनों का रोल और बयान इस पूरे मामले में बहुत अहम है।
उधर मामले के दूसरे आरोपी सोना हॉस्पिटल पर सीएमओ की कृपा अभी बरकरार है।


