हथियारों की रेंज: कॉरिडोर में एके-47 राइफल, मशीन गन, ड्रोन और बीएमसी (BMCS) सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीक विकसित की जाएगी।
रिपोर्ट :- अभिजीत झा, स्टेट हेड (बिहार/झारखंड/बंगाल)
बिहार बनेगा पूर्वी भारत का टेक्नोलॉजी हब |
पटना: बिहार के औद्योगिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने बिहार को रक्षा उत्पादन (Defense Manufacturing) और वित्तीय तकनीक (Fintech) के ग्लोबल हब के रूप में विकसित करने के लिए दो बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। अब बिहार की पहचान ‘देसी कट्टों’ से नहीं, बल्कि भारतीय सेना के लिए बनाए जाने वाले अत्याधुनिक हथियारों, गोलों और मिसाइलों से होगी।डिफेंस कॉरिडोर: मुंगेर से अरवल तक गूंजेगी गर्जनाबिहार कैबिनेट की पहली बैठक में लिए गए बड़े फैसलों के बाद, राज्य में डिफेंस कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इसके तहत राज्य में मशीन गन, तोप के गोले, गोला-बारूद और रॉकेट लॉन्चर का निर्माण किया जाएगा।
हथियारों की रेंज: कॉरिडोर में एके-47 राइफल, मशीन गन, ड्रोन और बीएमसी (BMCS) सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीक विकसित की जाएगी।
रोजगार के अवसर: इस प्रोजेक्ट से अगले 5 वर्षों में लाखों युवाओं को सीधा रोजगार मिलने की उम्मीद है।फतुहा में बनेगी ‘फिनटेक सिटी’: गुजरात की GIFT सिटी की तर्ज पर विकासपटना के निकट फतुहा (जैतिया मौजा) में राज्य की पहली फिनटेक सिटी (Fintech City) का निर्माण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट गुजरात की मशहूर ‘गिफ्ट सिटी’ से प्रेरित है।जमीन और बजट: इसके लिए सरकार ने 242 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है। इस जमीन के लिए 408.81 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।क्या होगा खास? यहाँ देश-विदेश की बड़ी बैंकिंग संस्थाएं, आईटी कंपनियां, स्टार्टअप और निवेश संस्थान एक ही छत के नीचे होंगे। यहाँ मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक पार्क भी विकसित होगा, जिससे पटना से सीधे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
क्या होगा खास? यहाँ देश-विदेश की बड़ी बैंकिंग संस्थाएं, आईटी कंपनियां, स्टार्टअप और निवेश संस्थान एक ही छत के नीचे होंगे। यहाँ मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक पार्क भी विकसित होगा, जिससे पटना से सीधे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
जमीन और बजट: इसके लिए सरकार ने 242 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है। इस जमीन के लिए 408.81 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।


